॥ अयोध्यायाः परिक्रमां यः करोति स मुच्यते ॥
जो अयोध्या की परिक्रमा करता है, वह मुक्त हो जाता है।
अयोध्या की 5 कोस (लगभग 14 किलोमीटर) की परिक्रमा सनातन हिंदू धर्म की सबसे पवित्र यात्राओं में से एक मानी जाती है। यह परिक्रमा संपूर्ण अयोध्या नगर की परिधि का स्पर्श करती है — हर कदम पर कोई पवित्र स्थान, हर मोड़ पर रामायण की कोई कथा।
इस परिक्रमा में भाग लेने वाले हजारों भक्त हर वर्ष अयोध्या आते हैं — कुछ एकल, कुछ परिवार के साथ, और अब, हमारे भक्त संघ ऐप के माध्यम से, अनजान शहरों से आए भक्त भी एक-दूसरे के साथ यह पवित्र यात्रा पूरी करते हैं।
परिक्रमा का धार्मिक महत्व
शास्त्रों में कहा गया है कि 5 कोस परिक्रमा का पुण्य अश्वमेध यज्ञ के पुण्य के समान है। स्कंद पुराण के अयोध्या माहात्म्य खंड में लिखा है:
अयोध्या महाक्षेत्र में 5 कोस परिक्रमा करने से मनुष्य हजार अश्वमेध यज्ञों का फल प्राप्त करता है।
परिक्रमा केवल शरीर की यात्रा नहीं — यह मन की भी यात्रा है। प्रत्येक कदम पर राम नाम का जप करते हुए, प्रत्येक मंदिर पर माथा टेकते हुए, यात्री अहंकार को क्षीण करता है और भक्ति को प्रगाढ़ करता है।
परिक्रमा मार्ग — मंदिर से मंदिर
परिक्रमा का प्रारंभ और समापन श्री राम मंदिर (राम जन्मभूमि) से होता है। घड़ी की दिशा (clockwise) में चलें। प्रमुख स्थल:
- श्री राम मंदिर (राम जन्मभूमि)परिक्रमा का शुभारंभ और समापन बिंदु
- हनुमानगढ़ीपरिक्रमा के रक्षक — श्री हनुमान जी का भव्य मंदिर
- कनक भवनसीता-राम का सोने का महल — विशेष श्रृंगार दर्शन
- नागेश्वरनाथ मंदिरभगवान शिव का पुरातन मंदिर — राजा कुश द्वारा स्थापित
- सरयू घाट (राम की पैड़ी)पवित्र सरयू के दर्शन, जल-स्पर्श और स्नान
- दशरथ महलराजा दशरथ का ऐतिहासिक राज-प्रासाद
- कैकेयी महलरानी कैकेयी का निवास — कोपभवन का ऐतिहासिक स्थान
- वशिष्ठ कुंडमहर्षि वशिष्ठ का आश्रम — गुरु का स्मरण
- गुप्तार घाटसबसे पवित्र — भगवान राम की जल समाधि का स्थान
- लक्ष्मण घाटलक्ष्मण जी को समर्पित घाट
परिक्रमा कैसे करें — विस्तृत निर्देश
समय
प्रारंभ: प्रातः 4:00–4:30 बजे (ब्रह्म मुहूर्त में) शुरू करें।
अवधि: पूरी परिक्रमा 5–7 घंटे में पूरी होती है।
समाप्ति: पुनः राम मंदिर में दर्शन करके — प्रातः 10–11 बजे तक।
दिशा
सदैव घड़ी की दिशा (clockwise) में परिक्रमा करें — यही शास्त्र-सम्मत विधि है।
वेशभूषा
- सरल भारतीय वस्त्र — धोती-कुर्ता या सलवार-कमीज़
- जूते न पहनें — नंगे पाँव या मोटे मोज़े (अयोध्या की सड़कें गर्मियों में गर्म हो सकती हैं)
- सिर ढकना शुभ माना जाता है
जप
प्रत्येक कदम पर "राम राम राम" या "जय श्री राम" का मानसिक या मौन जप करते हुए चलें। अयोध्या App में भजन ईयरफोन से सुन सकते हैं।
क्या साथ लाएं
- ✅ पर्याप्त पानी (कम से कम 2 लीटर)
- ✅ हल्का प्रसाद — केला, मूंगफली, गुड़
- ✅ छाता या टोपी — अयोध्या का मौसम कठोर हो सकता है
- ✅ अयोध्या App का ऑफलाइन मैप — पहले से डाउनलोड करें
- ✅ छोटी माला — जप के लिए
- ❌ भारी बैग न लाएं
- ❌ रात में परिक्रमा न करें — सुरक्षा के लिए
अयोध्या App से परिक्रमा करें
ऑफलाइन मैप · मंदिर-दर-मंदिर मार्गदर्शन · भजन · भक्त संघ में साथी खोजें
हिंदी, मराठी, अंग्रेजी में उपलब्ध
मराठी भक्तांसाठी — अयोध्या ५ कोस परिक्रमा
महाराष्ट्रातून येणाऱ्या भक्तांसाठी: अयोध्या App मराठीत पूर्णपणे उपलब्ध आहे. 5 कोस परिक्रमेचा संपूर्ण नकाशा मराठी सूचनांसह App मध्ये आहे. इंटरनेट नसतानाही नकाशा काम करतो.
परिक्रमेची सुरुवात राम जन्मभूमी मंदिरापासून करा. प्रत्येक कदमावर "जय श्रीराम" जप करा. App तुम्हाला प्रत्येक मंदिर, घाट आणि पवित्र स्थळाकडे मराठीत मार्गदर्शन करेल.
परिक्रमेचा कालावधी: साधारण 5–7 तास. पहाटे 4:30 ला सुरुवात केल्यास, मंगला आरतीला परत येता येते.
पुण्याच्या एका भाविकाने सांगितले: "App मुळे परिक्रमेत एकही मंदिर चुकले नाही. प्रत्येक ठिकाणाची माहिती मराठीत मिळाली. हनुमानगढीपासून गुप्तार घाटापर्यंत — सगळ्या ठिकाणी App ने मार्गदर्शन केले. राम कृपा!"
परिक्रमा पूर्ण होने के बाद
परिक्रमा पूर्ण होने पर राम मंदिर में पुनः दर्शन करें, माथा टेकें, और मन में संकल्प लें। इस अंतिम दर्शन से परिक्रमा का पूर्ण फल प्राप्त होता है।
परिक्रमा के बाद सरयू में स्नान करना परंपरागत है — थकान और पाप दोनों बह जाते हैं।
भक्त संघ में अपना अनुभव साझा करें — आपकी परिक्रमा की यात्रा किसी और भक्त को प्रेरणा दे सकती है।
जय श्री राम · अयोध्या धाम की जय · हनुमान जी की जय