॥ श्रीरामचन्द्राय नमः ॥
रामो राजमणिः सदा विजयते

अयोध्या में राम मंदिर का दर्शन केवल एक यात्रा नहीं — यह 500 वर्षों की भक्ति, बलिदान और अटूट आस्था की पवित्र यात्रा है। 22 जनवरी 2024 को जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राम लला की प्राण प्रतिष्ठा की, तब 140 करोड़ हृदय एकसाथ धड़के। यह संपूर्ण हिंदी मार्गदर्शन आपके दर्शन को सहज और परमानंदमय बनाएगा।

दर्शन व आरती समय (2026)

नीचे दिया गया समय श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र की आधिकारिक सूची के अनुसार है (बुकिंग रसीद पर 18 अप्रैल 2026 से)। यात्रा से पहले srjbtkshetra.org पर दोबारा जाँच करें।

निशुल्क आरती दर्शन (पास आवश्यक)

आरतीसमयविशेष जानकारी
मंगला आरतीप्रातः 4:00आधिकारिक पोर्टल से निशुल्क पास
श्रृंगार आरतीप्रातः 6:00आधिकारिक पोर्टल से निशुल्क पास
शयन आरतीरात्रि 10:00अंतिम आरती — निशुल्क पास

निशुल्क दर्शन स्लॉट

स्लॉटसमयनोट
प्रातः7:00 – 9:00निशुल्क दर्शन
पूर्वाह्न9:00 – 11:00अधिक भीड़
दोपहर से पहले11:00 – 12:00जल्दी पहुँचें
मध्याह्न विराम~12:00 – 1:00भोग / विश्राम हेतु पट बंद होने की संभावना
अपराह्न1:00 – 3:00निशुल्क दर्शन
सायं पूर्व3:00 – 5:00निशुल्क दर्शन
सायं5:00 – 7:00निशुल्क दर्शन
रात्रि7:00 – 9:00शयन से पहले अंतिम सामान्य स्लॉट
💡 सुझाव: मंगला आरती (4:00) के लिए निशुल्क पास बुक करें — वातावरण सबसे शांत रहता है। सामान्य दर्शन के लिए 10:00 बजे से पहले पहुँचें; दोपहर में भोग के कारण पट बंद रह सकते हैं।

निशुल्क दर्शन / आरती बुकिंग (कोई पेड VIP नहीं)

पेड VIP दर्शन नहीं है। केवल ट्रस्ट की निशुल्क पास व्यवस्था है। बुकिंग सिर्फ online.srjbtkshetra.org पर करें। हेल्पलाइन: 1860-180-1992

विस्तृत गाइड: How to book darshan · Trip / hostel plan · ऐप: Google Play पर मुफ्त डाउनलोड →

दर्शन के प्रकार

वेशभूषा नियम

राम मंदिर में परंपरागत वेशभूषा अनिवार्य है और मुख्य प्रवेश पर इसे कड़ाई से लागू किया जाता है।

मुख्य मंदिर परिसर में प्रवेश से पहले जूते-चप्पल उतारना अनिवार्य है। सभी प्रवेश द्वारों पर निशुल्क लॉकर उपलब्ध हैं।

क्या लाएं, क्या न लाएं

राम मंदिर की दिव्य वास्तुकला

राम मंदिर नागर शैली की वास्तुकला का अद्भुत उदाहरण है, जो पूर्णतः राजस्थानी गुलाबी बलुआ पत्थर (बंसी पहाड़पुर पत्थर) से निर्मित है। निर्माण में लोहे या स्टील का उपयोग नहीं किया गया — हर जोड़ प्राचीन भारतीय पत्थर-अंकन तकनीक से जुड़ा है।

पाँच शिखर

मुख्य शिखर 161 फीट ऊँचा है, जो ब्रह्मांडीय सुमेरु पर्वत का प्रतीक है। चार छोटे शिखर पंच महाभूत का प्रतिनिधित्व करते हैं। प्रत्येक शिखर के शीर्ष पर स्वर्णमंडित तांबे का कलश है।

84 स्तंभों का मंडप

मंडप 84 सुंदर नक्काशीदार स्तंभों पर खड़ा है, जिनमें रामायण के दृश्य उकेरे गए हैं। प्रत्येक स्तंभ राम जीवन का एक अलग अध्याय बताता है। मंडप के लिए कम से कम 30 मिनट अवश्य रखें।

राम लला का गर्भगृह

मुख्य गर्भगृह में राम लला बालरूप में विराजित हैं — लगभग 51 इंच ऊँची, श्याम पाषाण में उकेरी गई दिव्य मूर्ति। पीले वस्त्र, ताजे फूलों से सुशोभित, स्वर्ण सिंहासन पर। मूर्ति का निर्माण मैसूर के अरुण योगीराज ने किया है।

परिसर के प्रमुख दर्शन स्थल

दर्शन से पूर्व सरयू स्नान

सच्चे यात्री दर्शन से पहले सरयू नदी में स्नान करते हैं। यह शुद्धिकरण संस्कार स्वयं रामायण में वर्णित है — प्रभु राम स्वयं प्रतिदिन सरयू स्नान करते थे। प्रमुख घाट:

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प्रसाद — क्या है प्रामाणिक

राम मंदिर का आधिकारिक प्रसाद है — पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद और शक्कर का मिश्रण) और पंचमेवा लड्डू, जो मंदिर की अपनी रसोई में कड़ी स्वच्छता के साथ बनता है।

⚠️ महत्वपूर्ण: मंदिर के बाहर फेरीवालों से प्रसाद न खरीदें। केवल परिसर के अंदर निर्धारित काउंटर से लें।

अयोध्या कैसे पहुँचें

जय श्री राम · सीता राम · जय जय राम ।।