॥ श्रीरामचन्द्राय नमः ॥
रामो राजमणिः सदा विजयते

अयोध्या में राम मंदिर का दर्शन केवल एक यात्रा नहीं — यह 500 वर्षों की भक्ति, बलिदान और अटूट आस्था की पवित्र यात्रा है। 22 जनवरी 2024 को जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राम लला की प्राण प्रतिष्ठा की, तब 140 करोड़ हृदय एकसाथ धड़के। यह संपूर्ण हिंदी मार्गदर्शन आपके दर्शन को सहज और परमानंदमय बनाएगा।

दर्शन समय — आरती कार्यक्रम

आरती / समय-स्लॉटसमयविशेष जानकारी
मंगला आरतीप्रातः 4:00 – 6:00विशेष दर्शन, सीमित प्रवेश
श्रृंगार दर्शनप्रातः 6:00 – 7:00राम लला का दिव्य श्रृंगार
प्रातः दर्शनप्रातः 7:00 – दोपहर 12:00सामान्य दर्शन, अधिक भीड़
राजभोग आरतीदोपहर 12:00मध्याह्न भोग आरती
विश्राम कालदोपहर 12:00 – 2:00मंदिर बंद
सायं दर्शनदोपहर 2:00 – शाम 7:00सामान्य दर्शन
संध्या आरतीशाम 7:00सायंकालीन आरती
शयन आरतीरात्रि 9:00अंतिम आरती — कपाट बंद
💡 सुझाव: ब्रह्म मुहूर्त में दर्शन के लिए प्रातः 5:30 बजे पहुँचें। कतार सबसे छोटी होती है और वातावरण अत्यंत शांत व दिव्य रहता है।

VIP पास व निशुल्क दर्शन

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट विशेष समय स्लॉट के लिए निशुल्क VIP पास जारी करता है जो आपकी प्रतीक्षा समय को काफी कम कर देता है। पास 48 घंटे पहले जारी होते हैं।

अयोध्या App की सुविधा: ऐप के 'मंदिर मार्गदर्शन' अनुभाग में VIP पास बुकिंग लिंक, लाइव कतार स्थिति, और आज के दर्शन स्लॉट की जानकारी एक ही जगह मिलती है। Google Play पर मुफ्त डाउनलोड →

दर्शन के प्रकार

वेशभूषा नियम

राम मंदिर में परंपरागत वेशभूषा अनिवार्य है और मुख्य प्रवेश पर इसे कड़ाई से लागू किया जाता है।

मुख्य मंदिर परिसर में प्रवेश से पहले जूते-चप्पल उतारना अनिवार्य है। सभी प्रवेश द्वारों पर निशुल्क लॉकर उपलब्ध हैं।

क्या लाएं, क्या न लाएं

राम मंदिर की दिव्य वास्तुकला

राम मंदिर नागर शैली की वास्तुकला का अद्भुत उदाहरण है, जो पूर्णतः राजस्थानी गुलाबी बलुआ पत्थर (बंसी पहाड़पुर पत्थर) से निर्मित है। निर्माण में लोहे या स्टील का उपयोग नहीं किया गया — हर जोड़ प्राचीन भारतीय पत्थर-अंकन तकनीक से जुड़ा है।

पाँच शिखर

मुख्य शिखर 161 फीट ऊँचा है, जो ब्रह्मांडीय सुमेरु पर्वत का प्रतीक है। चार छोटे शिखर पंच महाभूत का प्रतिनिधित्व करते हैं। प्रत्येक शिखर के शीर्ष पर स्वर्णमंडित तांबे का कलश है।

84 स्तंभों का मंडप

मंडप 84 सुंदर नक्काशीदार स्तंभों पर खड़ा है, जिनमें रामायण के दृश्य उकेरे गए हैं। प्रत्येक स्तंभ राम जीवन का एक अलग अध्याय बताता है। मंडप के लिए कम से कम 30 मिनट अवश्य रखें।

राम लला का गर्भगृह

मुख्य गर्भगृह में राम लला बालरूप में विराजित हैं — लगभग 51 इंच ऊँची, श्याम पाषाण में उकेरी गई दिव्य मूर्ति। पीले वस्त्र, ताजे फूलों से सुशोभित, स्वर्ण सिंहासन पर। मूर्ति का निर्माण मैसूर के अरुण योगीराज ने किया है।

परिसर के प्रमुख दर्शन स्थल

दर्शन से पूर्व सरयू स्नान

सच्चे यात्री दर्शन से पहले सरयू नदी में स्नान करते हैं। यह शुद्धिकरण संस्कार स्वयं रामायण में वर्णित है — प्रभु राम स्वयं प्रतिदिन सरयू स्नान करते थे। प्रमुख घाट:

अयोध्या App से दर्शन की योजना बनाएं

VIP पास लिंक · लाइव कतार · ऑफलाइन मैप · सरयू आरती लाइव
सब मुफ्त। कोई विज्ञापन नहीं। बिना इंटरनेट भी काम करता है।

▶ Google Play पर मुफ्त डाउनलोड

प्रसाद — क्या है प्रामाणिक

राम मंदिर का आधिकारिक प्रसाद है — पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद और शक्कर का मिश्रण) और पंचमेवा लड्डू, जो मंदिर की अपनी रसोई में कड़ी स्वच्छता के साथ बनता है।

⚠️ महत्वपूर्ण: मंदिर के बाहर फेरीवालों से प्रसाद न खरीदें। केवल परिसर के अंदर निर्धारित काउंटर से लें।

अयोध्या कैसे पहुँचें

जय श्री राम · सीता राम · जय जय राम ।।